Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full __link__
उम्मीद है, यह लेख आपको पालीताणा ५ चैत्यवंदन के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करेगा। यदि आपके पास इस विषय पर कोई प्रश्न या टिप्पणी है, तो कृपया हमें बताएं।
के मुख्य दरबार में किया जाता है। इसमें भक्त प्रथम तीर्थंकर के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यहाँ की ऊर्जा और भव्यता आत्मा को शांति प्रदान करती है।
१. जय तलेटी चैत्यवंदन (First Chaityavandan of Jay Taleti) palitana 5 chaityavandan in hindi full
केवल मंत्रों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि शत्रुंजय तीर्थ की आत्मा हैं। इनके उच्चारण मात्र से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। यदि आप कभी गुजरात के भावनगर जिले में स्थित इस पावन तीर्थ की यात्रा करें, तो इन पाँचों चैत्यवंदनों को अवश्य पढ़ें। आशा है कि "पालीताना 5 चैत्यवंदन इन हिंदी फुल" का यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
भगवान आदिनाथ के प्रथम गणधर ने इसी गिरिराज पर ५ करोड़ मुनियों के साथ मोक्ष प्राप्त किया था, जिसके उपलक्ष्य में यह वंदन किया जाता है。 चैत्यवंदन मूल पाठ: प्रगट नाम पुंडरीक जस
यह चैत्यवंदन पालीताणा में '' नामक स्थान पर किया जाता है। इस स्थान पर भगवान के चरण चिह्न हैं, जो अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। इस स्थान की विशेषता यह है कि यहाँ भगवान ऋषभदेव के प्रथम गणधर श्री पुंडरीक स्वामी की दो मूर्तियाँ भी विराजमान हैं। इस चैत्यवंदन के मंत्रों का पाठ करते समय भक्त भावपूर्ण श्रद्धा अर्पित करते हैं।
"जंकिंचि सूत्र जंकिंचि नाम तित्थं सग्गे पायालि माणुसे लोए। जाइं जिणबिंबाइं ताई सव्वाइं वंदामि॥ नमोत्थुणं सूत्र नमोत्थुणं अरिहंताणं भगवंताणं॥" अणसण तीहां कीध
पूर्ण 5 चैत्यवंदन पाठ (हिंदी अर्थ और भावार्थ सहित)
पंचिंदिय मिच्छा दुक्कडं, मण-वय-कायं मिच्छा दुक्कडं, अहोरत्तं संठियं मिच्छा दुक्कडं, दिवसंचरियं मिच्छा दुक्कडं, सामाइयं पडिक्कमामि।
आदिेश्वर जिनरायनी, गणधर गुणवंत;प्रगट नाम पुंडरीक जस, महिमाए महंत।पांच कोडी मुनिंद साथ, अणसण तीहां कीध;शुक्ल ध्यान ध्याता अमल, केवल वर लीध।चैत्री पूनमने दिने ए, पाम्या पद महानंद;तेहना चरण कमले नमी, लहीए परमानंद।

