रोग, ऋण, और शत्रु।
कुंडली में सूर्य या गुरु पर राहु-केतु का नकारात्मक प्रभाव होने से पितृ दोष बनता है, जिससे संतान उत्पत्ति में बाधा या पारिवारिक कलह होती है।
(Janam Kundali) भारतीय ज्योतिष (Vedic Astrology) का सबसे महत्वपूर्ण आधार है । यह केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि आपके जन्म के समय आकाश में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का एक सटीक नक्शा है। हिंदू धर्म में बच्चे के जन्म के तुरंत बाद उसकी जन्म कुंडली बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
रोग, ऋण, शत्रु, प्रतियोगिता और दैनिक नौकरी। janam kundali by date of birth and time in hindi
आजकल, ऑनलाइन जन्म कुंडली बनाने की कई वेबसाइटें और टूल उपलब्ध हैं। इन वेबसाइटों पर, आप अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान दर्ज करके अपनी जन्म कुंडली बना सकते हैं।
साहस, छोटे भाई-बहन, लघु यात्राएं और पराक्रम।
इसमें ग्रहों की सटीक डिग्री, नक्षत्र (Nakshatra), जन्म राशि और लग्न (Ascendant) की जानकारी होती है。 आप अपनी जन्म तिथि
जन्म तिथि और समय (Date of Birth & Time) का महत्व
इनके आधार पर से ग्रहों की सटीत स्थिति निकाली जाती है और फिर 12 भावों वाली कुंडली तैयार की जाती है।
कुंडली सॉफ्टवेयर या ज्योतिषी के पास जाते समय अक्सर सटीक समय पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है। इसका कारण यह है कि ब्रह्मांड में ग्रह निरंतर गतिशील हैं: janam kundali by date of birth and time in hindi
यदि आप अपनी कुंडली के बारे में कुछ विशेष जानना चाहते हैं, तो मुझे आगे बताएं:
यदि आप अपनी बताते हैं, तो मैं आपको इन चीजों में मदद कर सकता हूँ:
आपकी क्या है?
शिक्षा, संतान, प्रेम, बुद्धि।